

सूरजपुर: कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक 3) 1987 की धारा 03 के अंतर्गत जिला सूरजपुर के विकासखंड सूरजपुर को दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
अनुमति अनिवार्य, उल्लंघन पर कार्रवाई-
उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत अब विकासखंड सूरजपुर में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सूरजपुर की पूर्वानुमति के बिना कोई भी नया नलकूप चाहे पेयजल हेतु हो अथवा किसी अन्य प्रयोजन के लिये खनन नहीं किया जा सकेगा।
प्राधिकृत अधिकारी करेंगे अनुमति प्रदान-
जनसुविधा को दृष्टिगत रखते हुए नलकूप खनन की अनुमति के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सूरजपुर को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकाय, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार से प्रतिवेदन प्राप्त करने के उपरांत नियमानुसार बोरवेल खनन की अनुमति प्रदान करेंगे।
यह व्यवस्था ग्रीष्मकाल में भूजल स्तर को संरक्षित रखने और जिले में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है।

































