


मध्यप्रदेश : सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना राज्य के किसानों के लिए वित्तीय सुरक्षा और सहायता का एक अहम कदम है। इस योजना के तहत हर साल किसानों के बैंक खातों में 6,000 रुपये की राशि तीन समान किस्तों में सीधे जमा की जाती है। राशि सीधे बैंक खातों में डेबिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पहुंचती है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होती है।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना क्या है?
- इस योजना की शुरुआत 25 सितंबर 2020 को मध्यप्रदेश सरकार ने की थी।
- इसका संचालन राजस्व विभाग, मध्यप्रदेश सरकार के अंतर्गत होता है।
- शुरू में किसानों को साल में 4,000 रुपये दो किस्तों में मिलते थे, लेकिन 2023 से यह बढ़ाकर 6,000 रुपये तीन किस्तों में कर दी गई है।
- यह योजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अनुरूप लागू की गई है।
- केंद्र और राज्य मिलाकर किसानों को कुल 12,000 रुपये सालाना सहायता के रूप में मिलते हैं।
- अब तक इस योजना की 13 किस्तें जारी की जा चुकी हैं।
किस किसानों को मिलेगा लाभ?
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें जरूरी हैं:
- किसान मध्यप्रदेश का निवासी होना चाहिए।
- उनके पास खेती योग्य भूमि होनी चाहिए।
- किसान पीएम किसान सम्मान निधि में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना में शामिल होने के लिए किसानों को कुछ दस्तावेज जमा करने होंगे:
- पीएम किसान सम्मान निधि का रजिस्ट्रेशन नंबर
- बैंक खाता विवरण
- खेती वाली भूमि के दस्तावेज
- पहचान के लिए आधार कार्ड
- अन्य दस्तावेज जैसे मूल निवास प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, बिजली बिल
आवेदन कैसे करें?
- आवेदन करने के लिए किसान को पटवारी के पास जाना होगा।
- योजना के लिए फॉर्म भरना होगा और खसरा/खतौनी का सत्यापन कराना होगा।
- संबंधित विभाग द्वारा पुष्टि के बाद राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
किन किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा?
- जिन किसानों का आधार बैंक से लिंक नहीं है।
- जिनका e-KYC पूरा नहीं हुआ है।
- जिनका भूमि रिकॉर्ड सत्यापित नहीं है।
- जो किसान इनकम टैक्स देते हैं, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

































