इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से ठीक पहले मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। क्रिकेट जगत में हलचल मचाते हुए टिकटों की कालाबाजारी का एक संगठित नेटवर्क उजागर हुआ है, जिसमें एक पूर्व क्रिकेटर सहित कई लोग गिरफ्तार किए गए हैं।


सेमीफाइनल टिकटों की कालाबाजारी का खुलासा

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबलों के टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग को लेकर मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 5 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए भारत बनाम इंग्लैंड मैच के टिकट अवैध रूप से बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने एक पूर्व क्रिकेटर और एक मौजूदा कोच को हिरासत में लिया, जो इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए।


पूर्व अंडर-19 खिलाड़ी की गिरफ्तारी

इस मामले में 26 वर्षीय बलवंत सिंह सोधा को गिरफ्तार किया गया है, जो कभी मुंबई की अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुका है। पुलिस के अनुसार, वह इस पूरे रैकेट का प्रमुख कड़ी था और टिकटों की सप्लाई का काम संभालता था।

उसके जरिए टिकट अन्य लोगों तक पहुंचते थे, जिन्हें बाद में भारी कीमत पर बेचा जाता था।


कई गुना कीमत पर बिके टिकट

जांच में सामने आया कि भारत बनाम इंग्लैंड सेमीफाइनल के टिकट 25 हजार से 35 हजार रुपये तक में बेचे गए। यह कीमत असल दर से कई गुना ज्यादा थी।

अब तक इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक कॉलेज का स्पोर्ट्स टीचर और एक नॉन-टीचिंग स्टाफ भी शामिल है।


सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था खेल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमतौर पर ऐसे टिकट क्रिकेट एसोसिएशन, खिलाड़ियों और अधिकारियों को दिए जाते हैं, लेकिन इस मामले में इन्हें अवैध तरीके से बाजार में उतारा गया।

आरोपी न केवल सीधे ग्राहकों से संपर्क कर रहे थे, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी टिकट बेच रहे थे।


सख्ती के संकेत

यह मामला साफ करता है कि बड़े खेल आयोजनों के दौरान टिकटों की कालाबाजारी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को ऐसे नेटवर्क पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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