


रायपुर: राजधानी रायपुर में पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में शामिल एक महिला आरोपी साक्षी सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी मेडिकल डिग्रियां तैयार कर ठगी के इस संगठित गिरोह को उपलब्ध कराती थी।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साक्षी सिंह का नाम सामने आया था। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने दिल्ली में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और रायपुर लाया गया।पूछताछ में साक्षी सिंह ने स्वीकार किया है कि वह अपने एक साथी के साथ मिलकर पुणे की डी.वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी MBBS और BAMS डिग्रियां तैयार करती थी। इन डिग्रियों का उपयोग गिरोह द्वारा लोगों को झांसा देने और उनसे मोटी रकम वसूलने में किया जाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि इस मामले की शिकायत 17 फरवरी 2026 को संजय निराला ने सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और फर्जी सर्टिफिकेट देने के नाम पर उनसे और उनके रिश्तेदारों से कुल 2 करोड़ 34 लाख रुपए की ठगी की गई।
इस प्रकरण में पहले ही चार आरोपी भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रेको गिरफ्तार किया जा चुका है। साक्षी सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

































