


बलरामपुर: बलरामपुर जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुर्रीपानी खजुरी में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 2 करोड़ रुपये कीमत की अफीम की फसल जब्त की है तथा इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 12 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तुर्रीपानी खजुरी में सहादुर नगेशिया और दुईला नगेशिया अपने खेत में अवैध मादक पदार्थ अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी के निर्देशन में थाना कोरंधा पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।घटनास्थल पर जांच करने पर खेत में अफीम की खेती होती पाई गई। पुलिस टीम को देखते ही खेत की देखरेख कर रहे आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सहादुर नगेशिया (34 वर्ष) और दुईला नगेशिया (40 वर्ष), निवासी खजुरी (तुर्रीपानी) थाना कोरंधा, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज बताया।कार्रवाई के दौरान अफीम के पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया। तौल करने पर कुल 18 क्विंटल 83 किलोग्राम अफीम बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
वही आपको बता दे कि कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध रूप से की जा रही मादक पदार्थ अफीम की खेती का पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ा खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 3.67 एकड़ भूमि में की जा रही अफीम की खेती को जब्त कर नष्ट किया गया है। जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये आंकी गई है।इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
जिला प्रशासन के अनुसार यह अवैध खेती करीब 1.47 एकड़ जमीन पर की जा रही थी, जो झारखंड सीमा से लगे जंगल क्षेत्र में स्थित है। कलेक्टर राजेंद्र कटारा और पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर के मार्गदर्शन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।प्रशासन ने बताया कि पूरे जिले, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण या परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की खेती या उससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।































