


अंबिकापुर: सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मानव दुर्व्यापार के मामले में फरार चल रही महिला आरोपी को पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 19 दिसंबर 2025 को पीड़िता ने थाना लखनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम सिंगीटाना निवासी धनी कुजूर ने उसे काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथियों अलका टोप्पो और कलावती एक्का के साथ फिरोजाबाद ले जाकर एक युवक से जबरन विवाह करा दिया। बाद में उसे तीन लाख रुपये में बेच दिए जाने की जानकारी मिलने पर पीड़िता किसी तरह वहां से भागकर लखनपुर पहुंची और पुलिस को घटना की सूचना दी।रिपोर्ट के आधार पर थाना लखनपुर में अपराध क्रमांक 319/25 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। प्रारंभिक कार्रवाई में पुलिस ने धनी कुजूर और अलका टोप्पो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि कलावती एक्का घटना के बाद से फरार चल रही थी।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा रेंज के डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस टीम को फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे। लगातार प्रयास के बाद लखनपुर पुलिस टीम ने कलावती एक्का को पुणे, महाराष्ट्र से पकड़कर हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कलावती एक्का, पिता हॉबील एक्का, उम्र 40 वर्ष, निवासी लडुवा थाना राजपुर जिला बलरामपुर-रामानुजगंज (हाल मुकाम गोरसीडबरा थाना गांधीनगर) बताया और घटना में संलिप्तता स्वीकार की।पुलिस के अनुसार आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित गिरोह बनाकर मानव तस्करी की घटनाओं को अंजाम दे रही थी। संगठित आपराधिक कृत्य को देखते हुए मामले में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर उप निरीक्षक सम्पत पोटाई, सहायक उप निरीक्षक निर्मला कश्यप, महिला आरक्षक मानिता तिग्गा और आरक्षक जगेश्वर बघेल की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
































