


उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा निर्णय, दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
बलरामपुर जिले के राजपुर कॉलेज में बी.ए. (अर्थशास्त्र) व एम.ए. (राजनीति शास्त्र) के लिए पद स्वीकृत
(अभिषेक सोनी) रायपुर। उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर नए विषय/संकाय प्रारंभ करने के लिए कुल 168 नवीन पदों के सृजन को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह निर्णय मुख्य बजट वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लिया गया है।जारी पत्र के अनुसार (पृष्ठ 1 से 5), कुल मिलाकर विभिन्न श्रेणियों में सहायक प्राध्यापक के पद स्वीकृत किए गए हैं।इन नए विषयों में राजनीति शास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी साहित्य, इतिहास, भूगोल, समाजशास्त्र, रसायनशास्त्र, प्राणीशास्त्र, वनस्पतिशास्त्र, गणित, कंप्यूटर साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, गृह विज्ञान, प्राचीन भारतीय इतिहास सहित अन्य विषय शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने मुख्य बजट वर्ष 2024-2025 के नवीन मद में नवीन विषय / संकाय प्रारंभ करने के संबंध में जो प्रस्ताव छ.ग. शासन उच्च शिक्षा विभाग को प्रेषित किए गए थे, जिसके लिए 2024-2025 के बजट में प्रावधान किया गया था तथा जिस पर वित विभाग द्वारा विभागीय प्रस्ताव के संबंध में सभी महाविद्यालयों में सभी विषय खोले जाने पर विचार कर गाइड लाइन नीति निर्देश जारी किए गए हैं।आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय, नया रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुल 35 शासकीय महाविद्यालयों में नए विषयों के संचालन हेतु 168 नवीन पदों का सृजन किया गया है ।

स्नातक स्तर पर शासकीय महाविद्यालय राजपुर (बलरामपुर) में बी.ए. अर्थशास्त्र तथा शासकीय नवीन महाविद्यालय भैंसामुड़ा (बीजापुर) में बी.ए. राजनीति शास्त्र के 1-1 पद स्वीकृत हुए हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर राजपुर में एम.ए. राजनीति शास्त्र (1), अंतागढ़ में एम.एससी. वनस्पतिशास्त्र (7) व एम.ए. भूगोल (7), कुसमी में एम.ए. हिन्दी (1), एम.एससी. वनस्पतिशास्त्र (1) व एम.ए. राजनीति शास्त्र (2), पिथौरा में एम.ए. इतिहास (2), कोरबा में एम.एससी. प्राणिशास्त्र (1) व एम.ए. हिन्दी (1), रामानुजगंज में एम.एससी. रसायनशास्त्र (3), भौतिकशास्त्र (4) व गणित (4), सनावल में एम.एससी. वनस्पतिशास्त्र (4) व एम.ए. भूगोल (4), तथा खड़गवां में एम.एससी. रसायनशास्त्र (4), वनस्पतिशास्त्र (4) व एम.ए. राजनीति शास्त्र (4) के पद स्वीकृत किए गए हैं। 12 महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर बैकुंठपुर में बी.ए. हिन्दी साहित्य (2) व गृह विज्ञान (2), दुर्ग में बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (4), जामुल में बी.ए. हिन्दी (1), देवरी में बी.एससी. विज्ञान समूह (6), पिपरिया में बी.सी.ए. (5) व बी.ए. अंग्रेजी साहित्य (1), गुढ़ियारी में बी.ए. इतिहास (1), टोपी में बी.ए. भूगोल (1), रायपुर में बी.ए. इतिहास (1), तखतपुर में बी.ए. भूगोल (4), बेलहा में बी.ए. अंग्रेजी (1), भिलाई में बी.बी.ए. (4) तथा भागनापुर में प्राचीन भारतीय इतिहास (2) के पद स्वीकृत हुए हैं।
13 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर पर कवर्धा में एम.एससी. प्राणिशास्त्र (4), वनस्पतिशास्त्र (4), रसायनशास्त्र (2), एम.ए. हिन्दी (2) व एम.कॉम. (3), दुर्ग में एम.एससी. कंप्यूटर साइंस (5), जामुल में एम.ए. राजनीति शास्त्र (1), राजनांदगांव में एम.कॉम. (1) व एम.एससी. प्राणिशास्त्र (1), अंबिकापुर में एम.एससी. रसायनशास्त्र (4) व एम.ए. हिन्दी (2), टोपी में एम.एससी. रसायनशास्त्र (2), भिलाई में एम.ए. हिन्दी (2), भागनापुर में एम.कॉम. (2), देवरबीजा में एम.एससी. वनस्पतिशास्त्र (1) व प्राणिशास्त्र (2), बेलतरा में एम.ए. अर्थशास्त्र (2) व एम.एससी. रसायनशास्त्र (2), साल्हेवारा में एम.एससी. वनस्पतिशास्त्र (3), प्राणिशास्त्र (3) व गणित (2), चिरमिरी में एम.एससी. भौतिकशास्त्र (4) व एम.ए. अंग्रेजी (2) तथा मनेन्द्रगढ़ में एम.एससी. प्राणिशास्त्र (4), एम.ए. हिन्दी साहित्य (2) व इतिहास (2) के पद स्वीकृत किए गए हैं। अन्य स्वीकृतियों में जैजैपुर में बी.ए. भूगोल (1), भैंसमा में एम.एससी. वनस्पतिशास्त्र (4) व रसायनशास्त्र (4) तथा पामगढ़ (जांजगीर-चांपा) में एम.एससी. जीवविज्ञान (4) के पद शामिल हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार नए विषयों के प्रारंभ होने से प्रदेश के दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को अपने जिले में ही उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे। शासन ने संबंधित महाविद्यालयों को आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर विषय प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।आवश्यक कार्यवाही कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।यह निर्णय प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
































