


नई दिल्ली: देश के चर्चित उद्योगपति अनिल अंबानी की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उनके मुंबई स्थित आवास ‘अबोड’ को कुर्क किए जाने के बाद अब सीबीआई ने भी उनके खिलाफ नया मामला दर्ज कर लिया है। मामला बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े 2220 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित लोन धोखाधड़ी का है।
सीबीआई ने यह केस बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत के आधार पर दर्ज किया है। आरोप है कि 2013 से 2017 के बीच रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) द्वारा लिए गए कर्ज का इस्तेमाल स्वीकृत उद्देश्यों से अलग किया गया, जिससे बैंक को 2,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद अंबानी के आवास और कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिसों पर छापेमारी की गई, जहां से कई अहम डॉक्यूमेंट बरामद किए गए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरकॉम और उससे जुड़ी कंपनियां रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कुल 31,580 करोड़ रुपये का लोन लिया। आरोप है कि इन फंड्स का बड़ा हिस्सा अन्य बैंकों के कर्ज चुकाने, संबंधित पक्षों को भुगतान करने और अस्थायी निवेश के रूप में इस्तेमाल किया गया। फोरेंसिक जांच में कथित तौर पर फंड के अनधिकृत उपयोग और दुरुपयोग के संकेत मिले हैं। बैंक का दावा है कि लोन राशि का उपयोग शर्तों के अनुरूप नहीं किया गया और इसे व्यवस्थित रूप से डायवर्ट किया गया।
खाते को 5 जून 2017 को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित किया गया था। बाद में इसे धोखाधड़ी की कैटेगरी में रखने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिस पर बंबई हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। हालांकि, यह रोक 23 फरवरी को हटा दी गई, जिसके बाद बैंक ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईडी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक अन्य मामले में अंबानी से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि उनसे करीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई और आगे भी उन्हें बुलाया गया
































