


नई दिल्ली। साउथ सेंट्रल रेलवे ने इंडियन रेलवे के जरिए पार्सल डिलीवरी को तेज और आसान बनाने के लिए रेल पार्सल ऐप नाम की एक नई डिजिटल सर्विस लॉन्च की है। ऐप को ऑफिशियली बुधवार, 25 फरवरी को लॉन्च किया गया और हैदराबाद पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करने वाला पहला डिवीजन बन गया।
रेल पार्सल ऐप को साउथ सेंट्रल रेलवे जोन में सात जगहों पर लॉन्च किया गया है। इनमें हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंदरी, विशाखापत्तनम, बेंगलुरु और चेन्नई शामिल हैं।द हिंदू के मुताबिक, “नया प्लेटफॉर्म एंड-टू-एंड पार्सल सर्विस देने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें डोरस्टेप पिकअप, डोरस्टेप डिलीवरी, पार्सल की रियल टाइम ट्रैकिंग, ऑटोमेटेड पुश नोटिफिकेशन और डिजिटल पेमेंट ऑप्शन शामिल हैं।”द हिंदू के मुताबिक, “नया प्लेटफॉर्म एंड-टू-एंड पार्सल सर्विस देने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें डोरस्टेप पिकअप, डोरस्टेप डिलीवरी, पार्सल की रियल टाइम ट्रैकिंग, ऑटोमेटेड पुश नोटिफिकेशन और डिजिटल पेमेंट ऑप्शन शामिल हैं।”
टैक्सी बुकिंग जितनी आसान होगी पार्सल बुकिंग
उन्होंने कहा कि पार्सल बुकिंग टैक्सी बुकिंग करने जैसी आसान होनी चाहिए। रेल पार्सल ऐप ने इसे मुमकिन बना दिया है। साउथ सेंट्रल रेलवे ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर के साथ एक MoU पर भी साइन किया है। यह एग्रीमेंट SCR जोन के अंदर फ्रेट लॉजिस्टिक मार्केट पर एक डिटेल्ड स्टडी करने के लिए है।
कैसे काम करेगा ऐप?
scmspectrum.com पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेल पार्सल लॉजिस्टिक्स ऐप एक मॉर्डन डिजिटल मार्केटप्लेस की तरह काम करता है, जो यूजर्स को लॉजिस्टिक सर्विस से जोड़ता है और साथ ही मौजूद ऑप्शन की साफ जानकारी भी देता है।
वेबसाइट के मुताबिक, ऐप के खास फीचर्स में से एक इसकी डोर-टू-डोर बुकिंग और डिलीवरी सुविधा है। यूजर्स सीधे प्लेटफॉर्म के जरिए रेल पार्सल ट्रांसपोर्ट बुक कर सकते हैं और अपनी बताई गई जगहों से पिकअप और डिलीवरी का इंजताम कर सकते हैं। जबकि दूसरे मामलों में, कस्टमर्स को बड़े रेलवे स्टेशनों के पास रेलवे पार्सल ऑफिस जाना पड़ता है।
































