एसडीएम के कार्यकाल के निर्णयों व आदेशों की समीक्षा तथा खनन गतिविधियों पर रोक हेतु शासन से हस्तक्षेप की मांग

रायपुर/बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हंसपुर में 16 फरवरी 2026 को घटित गंभीर घटना के संबंध में ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन के सरगुजा संभाग अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ राजपुर के प्रवक्ता, संचार टुडे सीजीएमपी न्यूज छत्तीसगढ़ स्टेट हेड अभिषेक कुमार सोनी द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया गया है। ज्ञापन में अवैध बॉक्साइट खनन एवं अवैध रेत परिवहन पर तत्काल रोक लगाने तथा संपूर्ण प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 16 फरवरी 2026 को ग्राम हंसपुर (कुसमी) में घटित घटना में तत्कालीन एसडीएम कुसमी करुण कुमार डहरिया सहित अन्य व्यक्तियों पर आदिवासी ग्रामीणों के साथ मारपीट एवं हत्या जैसे गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं, जिसके संबंध में पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तारियां की गई हैं। इस घटना ने न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश में भय,आक्रोश एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न कर दिया है।

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में लंबे समय से संचालित अवैध बॉक्साइट खनन एवं अवैध रेत परिवहन से भी जुड़ा प्रतीत होता है। स्थानीय आदिवासी समाज द्वारा निरंतर यह आरोप लगाया जाता रहा है कि अवैध खनन एवं रेत परिवहन के कारण उनकी जल, जंगल और जमीन प्रभावित हो रही है। विरोध करने पर ग्रामीणों को डराया-धमकाया जाता है तथा प्रशासनिक संरक्षण में इन गतिविधियों के संचालित होने की आशंका व्यक्त की जाती रही है।एसडीएम करुण डहरिया के कुसमी पदस्थापन अवधि की समग्र समीक्षा की मांग

मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि कुसमी में पदस्थापन अवधि के दौरान तत्कालीन एसडीएम द्वारा पारित सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेशों, अनुमतियों एवं कार्रवाइयों की समग्र समीक्षा की जाए। साथ ही अवैध बॉक्साइट खनन एवं रेत परिवहन से संबंधित संभावित सांठगांठ, संरक्षण अथवा लापरवाही की स्वतंत्र जांच कराई जाए।ज्ञापन में राजस्व, खनिज, वन एवं पुलिस विभाग से संबंधित फाइलों, शिकायतों एवं की गई कार्रवाइयों की वस्तुनिष्ठ पड़ताल कराने की मांग भी की गई है। यदि किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग अथवा आपराधिक संरक्षण की पुष्टि होती है, तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

एसडीएम करुण डहरिया के कुसमी पदस्थापन अवधि की समग्र समीक्षा की मांग

मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि कुसमी में पदस्थापन अवधि के दौरान तत्कालीन एसडीएम द्वारा पारित सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेशों, अनुमतियों एवं कार्रवाइयों की समग्र समीक्षा की जाए। साथ ही अवैध बॉक्साइट खनन एवं रेत परिवहन से संबंधित संभावित सांठगांठ, संरक्षण अथवा लापरवाही की स्वतंत्र जांच कराई जाए।ज्ञापन में राजस्व, खनिज, वन एवं पुलिस विभाग से संबंधित फाइलों, शिकायतों एवं की गई कार्रवाइयों की वस्तुनिष्ठ पड़ताल कराने की मांग भी की गई है। यदि किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग अथवा आपराधिक संरक्षण की पुष्टि होती है, तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

उन्होंने ज्ञापन में कहा कि बलरामपुर जिले के कुसमी में पदस्थापन अवधि के दौरान तत्कालीन एसडीएम करुण कुमार डहरिया की कार्यशैली, निर्णयों एवं क्रियाकलापों को लेकर क्षेत्र में निरंतर गंभीर आरोप एवं शिकायतें सामने आती रही हैं। हाल ही में ग्राम हंसपुर (कुसमी) में दिनांक 16/02/2026 को घटित गंभीर घटना, जिसमें मारपीट एवं हत्या जैसे आरोपों में संबंधित अधिकारी की गिरफ्तारी ने इन शिकायतों को और अधिक गंभीर एवं विश्वसनीय बना दिया है।

स्थानीय आदिवासी समाज, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा यह आरोप लगाया जाता रहा है कि कुसमी क्षेत्र में अवैध बॉक्साइट खनन एवं अवैध रेत परिवहन लंबे समय से निर्बाध रूप से संचालित रहा, जिसमें प्रशासनिक संरक्षण, नियमों की अनदेखी एवं संभावित आर्थिक अनियमितताओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यह भी आरोप है कि विरोध करने वाले ग्रामीणों को दबाव, भय एवं दमन का सामना करना पड़ा।

ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी अधिकारों, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा एवं संवेदनशील प्रशासन के लिए जाना जाता है। ऐसी परिस्थिति में इस प्रकरण की पारदर्शी जांच न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक है, बल्कि शासन-प्रशासन पर जनता के विश्वास को सुदृढ़ करने के लिए भी अनिवार्य है।

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