


यूपी: यूपी में अलीगढ़ का रहने वाला युवक बादल बाबू अपने प्यार को पाने के लिए बिना वीजा सरहद पार कर गया था। वहां वह धर्म बदलकर नौकरी करने लगा था लेकिन अपनी अलीगढ़ की लोकल लैंग्वेज बोलने के चक्कर में उसपर शक हो गया। पाकिस्तान में उसे अवैध रूप से घुसने के मामले में पुलिस ने पकड़ा। सोशल मीडिया पर जब यह बात वायरल हुई तब जाकर परिवार के लोगों को और यहां हिंदुस्तान में मालूम पड़ा कि बादल पाकिस्तान में है। परिवार के लोग बहुत परेशान थे और उसको जल्द से जल्द भारत लाने के लिए सरकार से अनुरोध कर रहे थे। फिर बाद में बिना वीजा पाकिस्तान में घुसने पर उसको जेल भेज दिया गया था। हालांकि, अब उसको पाकिस्तानी जेल से रिहा कर दिया गया है।
बादल को पाकिस्तान से वापस लाने की कोशिश में परिवार
जानकारी मिली है कि फिलहाल उसको वहीं, डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उसकी रिहाई की बात सुनकर उसके परिवार ने भारत सरकार से मांग की है कि उसको जल्द से जल्द भारत लाया जाए। बादल के परिवार में उसके पिता कृपाल सिंह, मां गायत्री देवी, एक बहन और तीन भाई हैं। अब बादल के माता-पिता उसको लेने पाकिस्तान जाएंगे इसके लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सना से हुआ था प्यार
दरअसल, बरला इलाके के नगला खिटकारी गांव का रहने वाला बादल बाबू दिल्ली के गांधीनगर में सिलाई का काम किया करता था। बादल की सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की सना के साथ चैटिंग शुरू हुई। बाद में वह धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। परिवार से उसकी आखिरी बार बात 30 अक्टूबर 2024 को हुई थी। बादल पिछली बार जब अलीगढ़ आया था तब अपने सारे दस्तावेज यहीं अलीगढ़ में रख गया था। उसके बाद लगभग 1 साल पहले सोशल मीडिया के जरिए परिवार वालों को मालूम पड़ा कि बादल पाकिस्तान में है और उसे वहां की पुलिस ने पकड़ रखा है।
दूसरी बार कोशिश करने पर पहुंचा पाया पाकिस्तान
ये सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए। उनको जानकारी मिली कि बादल इससे पहले भी अगस्त 2024 में पाकिस्तान जाने के लिए निकला था लेकिन वह जा नहीं सका था। बाद में वह बिना वीजा के कब और कैसे पहुंचा इसके बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी।
‘कछु नाय है रओ’ बोलने पर पाकिस्तानियों को हुआ शक
बादल, फेसबुकिया प्यार में बरला से 15 अक्टूबर 2024 को पाकिस्तान पहुंचा। लेकिन वहां सना ने बादल से शादी करने से इनकार कर दिया। फिर, बादल तुरंत वापस भारत नहीं लौटा और वहीं नौकरी करने लगा। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। परिवार से मोबाइल पर बात भी हुई थी। मगर अपने मालिक के यहां बकरी चराने के दौरान जंगल में लोगों से बातचीत करते समय उस पर कुछ लोगों को शक हुआ। उसकी भाषा कछु नाय है रओ, जैसे वाक्यों के चलते उस पर शक गहराया और बात पुलिस तक पहुंची। फिर, 27 दिसंबर 2024 को पाकिस्तानी पुलिस ने बादल को पकड़ा और कोर्ट में पेश किया।
मुसलमान बनने के बाद भारत नहीं आना चाहता था बादल
बादल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। उसमें वह अपने परिवार वालों से बात कर रहा था और कह रहा था कि मैं अब वापस नहीं आऊंगा। चिंता मत करना। मैंने धर्म बदल लिया है। उस समय वह अपने वकील के साथ कोर्ट परिसर में था और वकील ने ही उसकी वीडियो कॉल से बात करवाई थी। बाद में उसे पाकिस्तान की कोर्ट ने जेल भेज दिया था। अब वह रिहा हो गया है और डिटेंशन सेंटर में है। परिवार वालों ने अब भारत सरकार से उसको जल्द से जल्द भारत बुलाने की मांग की है।
































