


(अभिषेक सोनी) बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से विकसित “अनुभव” क्यूआर कोड का शुभारंभ गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित चेतना हाल में किया गया।
कार्यक्रम में संभाग आयुक्त अनिल जैन, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही। वहीं, रेंज के सभी जिलों कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, जीपीएम, सारंगढ़ एवं सक्ती के पुलिस अधीक्षक वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े।
इस क्यूआर कोड को स्कैन कर आमजन थाना या पुलिस कार्यालय से जुड़े अपने अनुभव और फीडबैक सीधे पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय तक पहुँचा सकेंगे। क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक सरल गूगल फॉर्म खुलता है, जिसमें प्रश्नोत्तर के माध्यम से फीडबैक दर्ज किया जा सकता है। पहचान और मोबाइल नंबर साझा करना पूरी तरह वैकल्पिक रखा गया है।
आईजीपी श्री गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम बनना होगा। “अनुभव” पहल के माध्यम से नागरिक सरल तकनीक का उपयोग कर अपने वास्तविक अनुभव साझा कर सकेंगे, जिससे व्यवस्था में सुधार संभव होगा। उन्होंने बताया कि रेंज के सभी आठ जिलों के सभी थानों में क्यूआर कोड स्थापित कर दिए गए हैं।
जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि यह पहल आमजन को बिना किसी कार्यालय के चक्कर लगाए सीधे अपनी बात वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। संभाग आयुक्त अनिल जैन ने कहा कि नवाचार समय की आवश्यकता है और जनता के सेवक होने के नाते पुलिस के कार्यों का मूल्यांकन भी जनता द्वारा ही होना चाहिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने बताया कि जिले के सभी थानों में “अनुभव” क्यूआर कोड लगा दिए गए हैं और प्राप्त फीडबैक के आधार पर थाना स्तर की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशिमोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी ने भी इस पहल को पुलिसिंग को बेहतर बनाने वाला बताया।
कार्यक्रम के दौरान क्यूआर कोड का विधिवत शुभारंभ रिबन काटकर किया गया। साथ ही “अनुभव” प्रणाली की कार्यप्रणाली पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा प्रिंट व सोशल मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे। अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। आईजीपी रामगोपाल गर्ग ने आमजन से अपील की कि वे इस व्यवस्था का सदुपयोग करें, सकारात्मक अनुभवों के साथ-साथ कमियों की भी निर्भय होकर जानकारी दें, ताकि पुलिस व्यवस्था को और अधिक जन-हितैषी बनाया जा सके।































