


रायपुर। Kawasi Lakhma Bail News के तहत छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद यह राहत दी। जमानत के आदेश के बाद जहां कांग्रेस खेमे में संतोष दिखा, वहीं भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।
भाजपा का बयान, जांच जारी रहने की बात
कवासी लखमा की जमानत पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में कथित लीकर स्कैम कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ और उस दौरान कई घोटाले सामने आए। उनके अनुसार, इन सभी मामलों की जांच तथ्यों के आधार पर अभी भी जारी है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कवासी लखमा को षड्यंत्रपूर्वक बलि का बकरा बनाया गया, जिससे बयान ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी।
कांग्रेस का पलटवार
Kawasi Lakhma Bail News पर गृह मंत्री के बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि कवासी लखमा को बलि का बकरा बताया जा रहा है और वे निर्दोष हैं, तो भाजपा को यह स्वीकार करना चाहिए कि एक निर्दोष व्यक्ति को जेल भेजा गया। बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा शासित एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं को डराने की कोशिश की गई।
सियासत और न्याय का सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर जांच एजेंसियों की भूमिका और राजनीति में न्यायिक प्रक्रियाओं के इस्तेमाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Kawasi Lakhma Bail News न सिर्फ एक कानूनी राहत की खबर है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की मौजूदा सियासत में तीखे टकराव का संकेत भी देती है। अब आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने की संभावना है।
































