


Bengal Elections की आहट के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर ने नया सियासी दांव चलते हुए अपनी पार्टी जनता उन्नयन पार्टी (JUP) का गठन किया है। उनका दावा है कि बंगाल की जनता अब एक मजबूत तीसरे विकल्प की तलाश में है, और JUP उसी उम्मीद का प्रतिनिधित्व करेगी।
बेलडांगा में मेगा एलायंस रैली
शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में हुमायूं कबीर ने मेगा एलायंस रैली का आयोजन किया। इस रैली में AIMIM ने औपचारिक रूप से गठबंधन में शामिल होने का ऐलान किया। AIMIM बंगाल इकाई के अध्यक्ष इमरान सोलंकी मंच पर JUP नेताओं के साथ नजर आए। आजाद समाज पार्टी के नेताओं की मौजूदगी ने भी इस गठबंधन को चर्चा में ला दिया है।
अल्पसंख्यक वोटों के एकीकरण की कोशिश
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि Bengal Elections से पहले यह गठबंधन अल्पसंख्यक वोटों के एकीकरण की दिशा में अहम कदम हो सकता है। हुमायूं कबीर ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस, लेफ्ट, AIMIM और ISF को गठबंधन का न्योता दिया है। भाजपा और टीएमसी को उन्होंने साफ तौर पर बाहर रखा है। उनका कहना है कि अगर टीएमसी को हराना है, तो सभी दलों को एक मंच पर आना होगा।
15 फरवरी तक का अल्टीमेटम
हुमायूं कबीर ने बताया कि गठबंधन को लेकर 15 फरवरी तक का समय दिया गया है। 11 फरवरी को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण की शुरुआत की जाएगी, जहां करीब 50 हजार लोग सामूहिक रूप से कुरान पाठ करेंगे। उनका कहना है कि इसके जरिए सामाजिक और राजनीतिक आधार को मजबूत किया जाएगा।
आगे क्या होगा?
फिलहाल Bengal Elections की राजनीति में “पिक्चर अभी बाकी है।” अब सबकी निगाहें 15 फरवरी पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि हुमायूं कबीर का तीसरा मोर्चा कितना मजबूत बन पाता है।































