बलरामपुर/कुसमी। मुख्य वन संरक्षक, सरगुजा संभाग दिलराज प्रभाकर एवं वनमंडल अधिकारी बलरामपुर आलोक बाजपेई के मार्गदर्शन तथा उपवन मंडल अधिकारी राजपुर रवि शंकर श्रीवास्तव के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने पैंगोलिन शल्क तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दिनांक 28 जनवरी को वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने कुसमी क्षेत्र के एक लॉज में दबिश दी। इस दौरान 2.9 किलोग्राम प्रतिबंधित पैंगोलिन शल्क के साथ त्रिपुरी पंचायत सचिव शिवराम को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण में एक अन्य आरोपी शाहिद रज़ा की संलिप्तता सामने आई, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया।
प्रकरण में दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 44, 49, 50, 51, 52 एवं 57 के तहत कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि पैंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-I में शामिल एक संकटग्रस्त (एंडेंजर्ड) प्रजाति है, जिसके शिकार एवं व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है।

यह कार्रवाई प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक एवं वर्तमान वन परिक्षेत्र अधिकारी कुसमी मणिकांत वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। श्री वर्मा ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर योजनाबद्ध तरीके से शाम लगभग 5 बजे लॉज में छापा मारा गया, जहां से प्रतिबंधित शल्क बरामद होने पर आरोपियों को तत्काल हिरासत में लिया गया।गौरतलब है कि कुसमी रेंज द्वारा एक माह के भीतर पैंगोलिन शल्क तस्करी से जुड़े मामलों में यह चौथी बड़ी कार्रवाई है। बुधवार को दोनों आरोपियों को रामानुजगंज न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

सम्पूर्ण कार्रवाई में उप वनक्षेत्रपाल काली राम, वनपाल  कामेश्री कुजूर, वनरक्षक नंदलाल कुजूर, प्रमीन कुमार निकुंज, विश्वनाथ भगत एवं देवेश कुमार जेरी की सराहनीय भूमिका रही।

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