


भोपाल : में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मध्य प्रदेश प्रमुख सचिव अरविंद जोशी और उनके सहयोगियों की लगभग 5 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ईडी ने यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत की।
भोपाल लोकायुक्त की टीम ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(ई) और 13(2) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। मामले में आरोप है कि जुलाई 1979 से दिसंबर 2010 के दौरान लगभग 41.87 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जमा की गई। जांच में पाया गया कि अरविंद जोशी ने अपने परिवार और सहयोगी एसपी कोहली के नाम पर कई चल और अचल संपत्तियों में निवेश करके अवैध आय को व्यवस्थित रूप से ठिकाने लगाया।
इसके तहत उन्होंने एक शेल कंपनी भी खोली और एसपी कोहली को उसका मैनेजर बनाया। फिर पावर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग कर कई संपत्तियां खरीदें। पहले ही अंतरिम कुर्की आदेश जारी किए जा चुके थे, जिनमें कुल संपत्ति लगभग 8.5 करोड़ रुपए थी।
इस बार जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है, उनमें भोपाल जिले में स्थित आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि और एक संचालित रिसॉर्ट शामिल हैं। ये संपत्तियां अपराध की आय (Proceeds of Crime) मानी गई हैं और दिवंगत अरविंद जोशी, उनके परिवार और सहयोगी एसपी कोहली के नाम पर पाई गई हैं।































