एमसीबी: छात्र-छात्राओं की APAAR आईडी जनरेशन में गंभीर लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के निर्देशन में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत सभी विद्यालयों के प्रत्येक छात्र-छात्रा की APAAR आईडी अनिवार्य रूप से जनरेट की जानी है, जिसे लेकर जिले में कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर डी. राहुल वेंकट द्वारा प्रगति की जानकारी लिए जाने पर कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। इसके पश्चात APAAR ऑनलाइन पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह सामने आया कि जिले की कई शालाओं में कुल दर्ज विद्यार्थियों में से 50 प्रतिशत या उससे कम छात्रों की ही APAAR आईडी बन पाई है।इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिले की 68 शालाओं (शासकीय एवं अशासकीय) को चिन्हित किया गया है। इनमें से 61 प्रधान पाठकों एवं 7 अशासकीय संस्था प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।यह नोटिस सीईओ जिला पंचायत एवं जिला परियोजना संचालक (समग्र शिक्षा) एमसीबी तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि को स्वयं उपस्थित होकर कार्य पूर्ण न होने के कारणों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि APAAR आईडी छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक पहचान, रिकॉर्ड और भविष्य की योजनाओं से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में आगे कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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