संभल: यूपी के संभल में मैरिज ब्रोकर काजल नाम की महिला ने एक नहीं बल्कि चार शादियां एक ही गांव के चार और एक अन्य से दिल्ली में कराई थीं। कुल मिलाकर पांच शादियां कराने वाली काजल के करीब संभल पुलिस पहुंच चुकी है। जल्द ही इस महिला को हिरासत में लेकर इस पूरे प्रकरण से पर्दा उठ सकता है। काजल पर आरोप है कि इसने जो 5 शादियां संपन्न कराईं उनमें से चार दुल्हनें शादी के तीन से चार दिनों के भीतर नगदी-आभूषण लेकर ससुराल से फरार हो गईं। वहीं, पांचवीं दुल्हन जब भागने की फिराक में थी तभी शक होने पर ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था।

नाम-धर्म बदलकर काजल ने करवाईं शादियां

पुलिस ने जब पकड़ी गई महिला से पूछताछ की तो पता चला कि नाम और धर्म बदलकर ये फर्जी शादियां जालसाजी करके काजल ने करवाई थीं। दरअसल, ये पूरा मामला संभल जिले के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के गांव पतरौआ से सामने आया। गांव के ही महेश चंद्र के बेटे राजू ने बीते 9 जनवरी को पश्चिम बंगाल की रहने वाली पूजा नाम की युवती से विवाह किया था। शादी के लगभग चार दिन बाद दुल्हन ससुराल से अपने घर जाने की जिद करने लगी। जब पति ने मना कर दिया तब उसने भागने की कोशिश की लेकिन पति और गांव वालों ने उसे पकड़ लिया।

पूजा के असली नाम आयशा खातून का खुलासा

इस मामले की सूचना 21 जनवरी को पुलिस को दी गई। इसके बाद चंदौसी क्राइम इंस्पेक्टर विनीत भटनागर पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। जांच-पड़ताल के दौरान सामने आया कि पूजा का असली नाम आयशा खातून है। और वह पश्चिम बंगाल के 24 परगना की रहने वाली है जोकि उसके आधार कार्ड में दर्ज है। पुलिस की छानबीन में पता चला कि कि गांव पतरौआ में पहली ऐसी शादी रामजीमल के बेटे भोले की हुई थी। जिसे काजल नाम की महिला ने करवाया था।

पूरे रीति-रिवाज से जयमाला पहनाकर हुई शादी

भोले की दुल्हन भी शादी के चार दिन बाद ससुराल से कैश-जेवर लेकर फरार हो गई। इसके बाद गांव के नरेश चंद्र, प्रवेश और राजू का विवाह भी काजल की मध्यस्थता से संपन्न हुआ था। जबकि गांव के एक व्यक्ति के रिश्तेदार मोनू जो दिल्ली में रहता है, उसकी शादी भी काजल ने कराई थी। ये सभी शादियां बड़ी धूमधाम के साथ पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न की गई थीं। सात फेरे लिए गए, एक-दूसरे को जयमाला पहनाई गईं और दुल्हों ने दुल्हनों की मांग में सिंदूर भरा था।

कैसे परत दर परत खुला दुल्हनों का फर्जीवाड़ा?

इतना ही नहीं बताते हैं कि इन दुल्हनों ने गानों की धुन पर ठुमके लगाकर जमकर डांस भी किया था। और फिर 5 में से 4 दुल्हनें शादी के 3 से 4 दिन के बाद ससुराल से जितने हाथ लगे उतने रुपये और सोने चांदी के आभूषण लेकर फुर्र हो गई थीं। हालांकि जब पांचवीं भागने की फिराक भी थी तभी शक होने पर पति और गांव वालों ने उसे पकड़ लिया। फिर नाम और धर्म बदलकर शादियां करने वाली लड़कियों का फर्जीवाड़ा परत दर परत खुलने लगा।

कब पकड़ी जाएगी मैरिज ब्रोकर काजल?

पुलिस अब मैरिज ब्रोकर काजल नामक महिला की तलाश में बदायूं, बरेली और बरेली जिले के आंवला में दबिशें दे रही है। पुलिस का कहना है कि नाम और धर्म बदलकर शादी कराने वाली कथित मैरिज ब्रोकर काजल के करीब पुलिस चुकी है और जल्द ही पीड़ितों की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर इसे हिरासत में लेकर पूछताछ और जांच के बाद फर्जी शादियां कराने वाले मामले का खुलासा किया जाएगा।

गौरतलब है कि चंदौसी के पतरौआ गांव के निवासी रामजीमल को काजल नामक ये महिला बदायूं में वजीरगंज थाना इलाके के एक गांव में विवाह समारोह के दौरान मिली थीं। बातचीत का सिलसिला बढ़ा तो उन्होंने बेटे भोले की शादी का इससे प्रस्ताव रखा। काजल ने मोबाइल फोन से कई लड़कियों की तस्वीरें रामजीमल को दिखाईं। रामजीमल को एक लड़की पसंद आ गई और उसके बाद काजल ने शादी कराने के एवज में रकम ऐंठ ली।

इसी क्रम में काजल के जरिए एक के बाद एक 5 शादियां कराई गई। इनमें से चार दुल्हनें ससुराल से 3-4 दिन के बाद नगदी-आभूषण बटोर कर रफू-चक्कर हो गईं। हालांकि पांचवीं पर शक था और वो फरार होने से पहले ही पकड़ी गई।

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