

धनबाद: धनबाद शहर में आज एक ऐसा खुलासा हुआ जो दो राज्यों के पुलिस को हिला कर रख दिया। ओडिशा के बैंक ऑफ महाराष्ट्र से सनसनीखेज लूट का मास्टर प्लान धनबाद से ही रचा गया था। 5 करोड़ रुपये के चमकते सोने के बिस्किट्स को लुटेरे यहां छिपा लाए थे लेकिन धनबाद और ओडिशा पुलिस की जॉइंट ‘ऑपरेशन ब्लैक गोल्ड’ ने सबका खेल बिगाड़ दिया।
20 किलो गोल्ड के साथ चार लुटेरे गिरफ्तार
कल रात से चले सघन ऑपरेशन में निरसा के जंगलों और सिंदरी के गुप्त गोदामों पर पुलिस ने एक साथ धावा बोला। नतीजा 4 कुख्यात लुटेरे को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें गैंग लीडर रमेश यादव भी शामिल है। छापेमारी में सोने के 20 किलो से ज्यादा बिस्किट, चांदी के जेवर और नकदी बरामद किया गया।
धनबाद के एसपी ने कहा कि ये इंटरस्टेट गैंग था जो कोयला बेल्ट का फायदा उठा रहा था। अब पूरा नेटवर्क खत्म कर दिया गया है। बैंक पर हथियारबंद डकैतों ने धावा बोला था। गार्ड को बंधककर लूट की घटना को अंजाम दिया था। सोना को पिघलाने की तैयारी थी। आरोपी अब रिमांड पर है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि दिल्ली तक सप्लाई चेन था। पुलिस ने कहा कि अभी भी रेड चल रहा है और मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। वहीं, ओडिशा के क्योंझर ज़िले के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (ASP) प्रत्युष महापात्रा के नेतृत्व में एक टीम ने धनबाद ज़िला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर, निरसा पुलिस स्टेशन के तहत भलजोरिया रोड पर स्थित माँ कामाख्या ज्वेलर्स पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने दुकान और उसके गोदाम से लूटे गए सोने के गहने बरामद किए। ज्वेलरी दुकान के मालिक और बेटे को हिरासत में लिया गया।
दुकान के मालिक मुन्ना प्रसाद और उनके बेटे किशोर राज को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पुलिस ने ज्वेलरी की दुकान और उसके गोदाम दोनों को सील कर दिया है। यह छापेमारी निरसा SDPO रजत मानिक बख्ता, निरसा पुलिस इंस्पेक्टर डोमन रजक और मैथन पावर लिमिटेड (MPL) पुलिस चौकी प्रभारी सुमन कुमारी की मदद से की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 19 जनवरी को क्योंझर ज़िले में बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, बीरबल ब्रांच से अज्ञात अपराधियों ने 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा के सोने के गहने और 8 लाख रुपये नकद लूटे थे।






















