रायगढ़: कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। ऐसे सभी कार्यालय एवं शैक्षणिक संस्थान, जहाँ 10 या उससे अधिक अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं, वहाँ आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। इसके बावजूद जिले के 17 महाविद्यालयों में समिति का गठन नहीं किए जाने पर संबंधित प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर द्वारा प्रकरणों की समीक्षा के पश्चात सभी प्राचार्यों को 03 दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न रोकने के लिए प्रत्येक कार्यालय जहां 10 या 10 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां पर आंतरिक शिकायत  समिति का गठन किया जाना अनिवार्य है। समिति का गठन नहीं करने या असफल रहने पर अधिनियम की धारा 26 के अंतर्गत 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। इस संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पारित आदेश पिटिशन  क्रमांक 1244/2017 के निर्देश दिनांक 13.12.2024 तथा छ.ग.महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रत्येक संस्थान में जहां 10 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। लैंगिक उत्पीड़न 2023 के प्रावधान अनुसार सी-बॉक्स पोर्टल पर ऑनलाईन पंजीयन तथा पोर्टल पर ON Bord पश्चात् आंतरिक शिकायत समिति की पोर्टल पर एन्ट्री करना अनिवार्य है।

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