बसंत पंचमी 2026 : पावन पर्व आज पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है और इसे ज्ञान, संगीत और कला की देवी का जन्मोत्सव माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने माता सरस्वती को प्रकट किया था, इसलिए हर साल बसंत पंचमी 2026 को विशेष रूप से मनाया जाता है।

हिंदू धर्म ग्रंथों में मां सरस्वती को बुद्धि, विद्या और संगीत की देवी बताया गया है। इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व होता है। पीले वस्त्र पहनना, पीले फूल चढ़ाना और पीले पकवान बनाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि पीले फूल चढ़ाने से मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, बसंत पंचमी 2026 के दिन पीले फूलों को सही दिशा में रखने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को देवी-देवताओं की दिशा माना जाता है। इस दिशा में ताजे गेंदे और सूरजमुखी के पीले फूल रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और करियर व व्यापार में सफलता मिलती है।

धन लाभ के लिए ड्राइंग रूम की उत्तर दिशा में पीले फूल रखना लाभकारी माना गया है। इसके अलावा, घर के मध्य भाग में पीले फूलों का गुलदस्ता रखने और रंगोली बनाने से घर की सुंदरता बढ़ती है और पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं।

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