

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक अनोखी और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धान घोटाले को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध का बिल्कुल अलग अंदाज़ अपनाया। सरकारी गोदामों में धान चूहों द्वारा खाए जाने के दावे के विरोध में कांग्रेस ने सड़कों पर चूहों की बारात निकालकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में सरकारी गोदामों में रखे धान को चूहों द्वारा खा जाने की घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। दुर्ग जिले में कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़कों पर उतरे और बाजे-गाजे के साथ चूहों की प्रतीकात्मक बारात निकाली।इस अनोखे प्रदर्शन में चूहे नाचते हुए नजर आए, जिसने आम जनता का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व विधायक अरुण वोरा, दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बकरीवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से भी पूरी सतर्कता बरती गई,जिला कलेक्ट्रेट परिसर में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था,प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चूहे को मुकुट पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से धान खिलाया और इसके बाद बारात को आगे बढ़ाया गया। चूहों की यह बारात पूरे प्रदर्शन का केंद्र बनी रही,इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहाँ मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के साथ जाली के भीतर एक चूहा भी प्रतीक के तौर पर सौंपा गया।सरकारी गोदामों में रखे करोड़ों रुपये के धान को चूहों द्वारा खा जाने की बात कहना भाजपा सरकार की जवाबदेही से बचने की कोशिश है। धान चूहों ने नहीं, बल्कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने खाया है। यह पूरा मामला भ्रष्टाचार का प्रमाण है।कांग्रेस का कहना है कि चूहों की बारात के जरिए मंत्रियों की प्रतीकात्मक बारात निकालकर जनता को सच्चाई से अवगत कराया जा रहा है। अब देखना होगा कि भाजपा सरकार इस विरोध और लगाए गए आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।






















