अंबिकापुर: राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर ने मुहिम फाउंडेशन फॉर पार्टिसिपेटरी एक्शन एंड ट्रांसफॉर्मेशन के सहयोग से युवा संवाद श्रृंखला का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को अपने शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन में नैतिकता, उद्देश्य और सामाजिक उत्तरदायित्व को एकीकृत करने के लिए प्रेरित करना था।

इस इंटरैक्टिव सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में SVKM नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS), बैंगलोर के  प्राध्यापक  आनंद प्रकाश ने भाग लिया। श्री आनंद ने छात्रों से संवाद करते हुए एक  विचारोत्तेजक चर्चा का माहौल निर्मित किया जिसमें  विद्यार्थियों ने नैतिकता, समाजिकता तथा  जीवन के  उद्देश्य विषय पर सार्थक चर्चा की साथ ही सामाजिक जीवन में नैतिकता और सार्थक उद्देश्य के एकीकरण के माध्यम से एक सार्थक जीवन जीने कला को समझा।

श्री आनंद ने शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा सक्षम मस्तिष्क का निर्माण करती है और छात्रों को बताया कि ‘सीखना’ केवल व्यावसायिक सफलता का साधन नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी शक्ति है।संवाद का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने शिक्षा, स्वतंत्रता तथा अन्य  समाजिक  व  समकालीन मुद्दों पर चर्चा की। छात्रों ने वक्ता के साथ सक्रिय रूप से जुड़ते हुए व्यक्तिगत आकांक्षाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने तथा आधुनिक शिक्षा प्रणाली की जटिलताओं को समझने से संबंधित प्रश्न उठाए।अपने उद्घाटन संबोधन में प्राचार्य प्रो अनिल कुमार सिन्हा ने छात्रों को आत्म-खोज और उद्देश्य की यात्रा पर निकलने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि अपनी आंतरिक शक्ति की खोज करें और जीवन में अपने अद्वितीय उद्देश्य को खोजें।” उन्होंने भावी नेतृत्व को आकार देने में आत्मनिरीक्षण और व्यक्तिगत विकास के महत्व पर जोर दिया।सोशल इनोवेशन एवं कम्युनिटी एंगेजमेंट सेल  के समन्वयक डॉ दीपक सिंह ने समापन टिप्पणी देते हुए शिक्षा की मुक्तिदायक शक्ति को पुनः रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “शिक्षा वह है जो हमें मुक्त करती है।” उन्होंने छात्रों से एक-दूसरे के साथ जुड़ने, प्रचलित मानदंडों पर सवाल उठाने और नए विचारों और दृष्टिकोणों की लगातार खोज करने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम में डॉ. कामिनी, सहायक प्राध्यापक  और डॉ. ब्रजेश कुमार, विभागाध्यक्ष, विधि विभाग की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। उनकी भागीदारी ने समग्र शिक्षा और अंतर-अनुशासनात्मक संवाद के प्रति महाविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।मुहिम फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक  ऋषिकेश ठाकुर ने कहा, “युवा संवाद श्रृंखला राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय और मुहिम फाउंडेशन की युवाओं में आलोचनात्मक सोच, नैतिक नेतृत्व और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता  है। संस्थान का उद्देश्य इस तरह की विभिन्न पहलकदमियों के माध्यम से, छात्रों को सामाजिक विकास और परिवर्तन में सक्रिय रूप से भागीदारी करने के लिए प्रेरित करना व सशक्त बनाना है।”

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