

MP News: बरकतउल्ला विश्वविद्यालय फाइल चोरी मामला इन दिनों मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। भोपाल के मध्य विधानसभा क्षेत्र से विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रदर्शनी कॉलेज (IPC) सहित करीब आधा दर्जन कॉलेजों की महत्वपूर्ण फाइलें विश्वविद्यालय से गायब हो गई हैं। हैरानी की बात यह है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा IPC कॉलेज की मान्यता पिछले साल समाप्त किए जाने के बावजूद, विश्वविद्यालय अब तक इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर समर बहादुर सिंह ने एक सप्ताह पहले संबंधित विभागों को फाइलें तलाशने के निर्देश दिए थे। तीन दिन की अंतिम समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुए। ऐसे में अब एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
IPC कॉलेज से जुड़ा मामला पहले ही हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के पास मूल फाइलों का न होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। IPC के अलावा बीएड कॉलेज समेत कई अन्य शिक्षण संस्थानों की फाइलें भी लापता बताई जा रही हैं। वहीं, कॉलेज संचालकों द्वारा विश्वविद्यालय पर मान्यता देने का दबाव बनाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
इस बरकतउल्ला विश्वविद्यालय फाइल चोरी मामले में कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं के गायब होने का खुलासा भी हुआ है। भोपाल जिला न्यायालय और जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित प्रकरणों से जुड़ी फाइलें भी विश्वविद्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। दस्तावेज नहीं मिलने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रोफेसर और अधिकारियों ने सेमिनार और कार्यशालाओं के नाम पर लिए गए लाखों रुपये का समायोजन नहीं किया। रिटायरमेंट के बाद भी नो ड्यूज नहीं लिया गया और वसूली से बचने के लिए फाइलें गायब करने की आशंका जताई जा रही है। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय फाइल चोरी मामला अब प्रशासनिक लापरवाही से आगे बढ़कर आपराधिक जांच की ओर बढ़ता दिख रहा है।




















