

लखनपुर/ प्रिंस सोनी: सरगुजा जिले में अवैध कोयला चोरी का धंधा एक बार फिर तेजी से फल-फूल रहा है। लखनपुर व उदयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अमेरा रेहर खुली एवं भूमिगत खदानों के साथ-साथ गुमगरा कला खदान से बाइकर्स गैंग द्वारा बड़े पैमाने पर कोयला चोरी किए जाने का मामला सामने आ रहा है। यह अवैध कोयला चिमनी ईंट भट्टों और गमला भट्टों में खपाया जा रहा है, जिससे शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये की राजस्व हानि हो रही है।

अमेरा रेहर खदान और गुमगरा खाल कचार क्षेत्र से बाइकर्स गैंग रोजाना बाइक के माध्यम से कोयले की चोरी कर उसे आसपास के जंगलों में एकत्रित करते हैं। इसके बाद यह कोयला बड़े कोल माफियाओं तक पहुंचाया जाता है। मुटकी, केवरी बास बाड़ी, सिरकोतगा, कटकोना, परसोडी कला, गुमगरा कला सहित अन्य जंगल क्षेत्रों में कोयले का भंडारण कर ट्रैक्टर, टिपर और ट्रकों से अन्य जिलों व पड़ोसी प्रांतों में इसकी तस्करी की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक सैकड़ों की संख्या में सक्रिय बाइकर्स गैंग रेहर और अमेरा खदानों से कोयला चोरी कर अंबिकापुर, दरिमा, सपना सुकरी, गुमगरा, कटकोना-परसोडी, कटिंदा, बंधा, सिरकोटना, पुहपुटरा, केवरा, कोसगा, सकरिया, तुरना, तुनगुरी, जमगवा, टपरकेला, अमदला, नवापारा सहित कई गांवों में खुलेआम कोयले की बिक्री कर रहे हैं। कार्रवाई के अभाव में इनके हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि दिनदहाड़े कोयला चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।
हालांकि पूर्व में लखनपुर पुलिस द्वारा बाइकर्स गैंग के खिलाफ कुछ कार्रवाई की गई थी, लेकिन बड़े कोल माफियाओं पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बताया जा रहा है कि लखनपुर-उदयपुर क्षेत्र में करीब 5 से 6 सक्रिय बाइकर्स गैंग हैं, जिनके सरगना संगठित तरीके से युवाओं को शामिल कर कोयला चोरी करा रहे हैं और ईंट भट्टों तक अवैध आपूर्ति कर रहे हैं।
रेहर और अमेरा खदान से लंबे समय से जारी इस अवैध कारोबार में शामिल बड़े तस्करों पर कार्रवाई नहीं होने से उनका नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगते ही बड़े कोल तस्कर मौके से फरार हो जाते हैं, जबकि छोटे स्तर पर शामिल बाइकर्स पर ही कार्रवाई सिमट कर रह जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब इन बड़े कोल माफियाओं पर शिकंजा कसा जाएगा और शासन को हो रही लाखों की क्षति पर रोक लगेगी।






















