

रायपुर: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया—एनएचएआई) द्वारा चिन्हांकित ब्लैक-स्पॉट्स पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं। अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण परियोजनाओं के लिए भी टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके लिए अन्य कार्यवाहियां भी प्रगति पर हैं।
एनएचएआई द्वारा सड़क सुरक्षा उपायों के तहत विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर रंबल स्ट्रिप्स, क्रैश बैरियर्स, सोलर ब्लिंकर, हाई-मास्ट लाइट्स तथा मानक साइन बोर्ड्स लगाए गए हैं। ये कार्य दुर्घटना संभावित स्थलों और व्यस्त मार्गों पर किए गए हैं।
यातायात प्रवाह को व्यवस्थित करने और राष्ट्रीय राजमार्ग पार करने वाले स्थानीय आवागमन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण की योजना बनाई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग–53 के दुर्ग से महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा खंड पर सुंदरा, पेंड्री, चिचोला, महाराजपुर और सोमनी गांवों में लगभग 90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडर-पास एवं सर्विस रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इसके साथ ही रसमड़ा में लगभग 30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडर-पास निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग–30 के रायपुर–सिमगा खंड पर सांकरा और सिलतरा में 80 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से अंडर-पास निर्माण तथा चरोदा में लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बायपास क्रॉसिंग निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
इस प्रकार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल लगभग 206 करोड़ 85 लाख रुपये की अनुमानित लागत से अंडर-पास और सर्विस रोड से संबंधित परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। एनएचएआई इन कार्यों के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।





















