सूरजपुर: अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीता वार्नर के मार्गदर्शन में आज शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर में एक ‘वृहद कानूनी जागरूकता कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता आनंद प्रकाश वारियाल (जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय) ने की। उन्होंने छात्रों को सरल भाषा में कानून की बारीकियों से अवगत कराया।

पॉक्सो एक्ट (POCSO Act 2012): न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाना न केवल अपहरण है, बल्कि पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर अपराध भी है। उन्होंने जोर दिया कि “कानून की जानकारी न होना” बचाव का आधार नहीं हो सकता।

बाल विवाह और करियर: विवाह की कानूनी उम्र (लड़की-18, लड़का-21) पर चर्चा करते हुए उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे पहले अपने करियर पर ध्यान दें, क्योंकि विवाह के बाद जिम्मेदारियों के बीच करियर बनाना चुनौतीपूर्ण होता है।

साइबर सुरक्षा और IT एक्ट: सोशल मीडिया पर बिना अनुमति फोटो/वीडियो शेयर करने या उनसे छेड़छाड़ करने को गंभीर अपराध बताया। साथ ही, किराए पर बैंक खाते देकर ठगी करने वाले गिरोहों से सतर्क रहने की चेतावनी दी।

रैगिंग और नशा: रैगिंग को दंडनीय अपराध बताते हुए उन्होंने छात्रों को नशा तस्करों के गिरोह से बचने की सलाह दी, जो अक्सर नाबालिगों का उपयोग आपराधिक कार्यों के लिए करते हैं।निशुल्क विधिक सहायता (NALSA)
छात्रों को बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन: किसी भी कानूनी सहायता के लिए नालसा (NALSA) के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।न्यायाधीश  के विचार  और उनके द्वारा बताए जानकारियों से बच्चे इतने प्रभावित हुए कि कई विषयों को जानने की जिज्ञासा जाहिर करते हुए कई सवाल पूछे और न्यायाधीश ने उनके सवालों के जवाब भी दिए।
उपस्थितिकार्यक्रम में मोटर व्हीकल एक्ट और यातायात नियमों के पालन पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षकगण, और पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLV) सत्य नारायण व उमेश उपस्थित रहे।

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