

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। बलरामपुर जिला के शंकरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बादा में संचालित हो रही आंगनबाड़ी भवन की पूरी तरह जर्ज़र हो चुकी हैं. तथा इसी जर्जर भवन में नन्हे बच्चों को बैठाया जा रहा है. जिससे उनकी जान जोखिम में हैं. समय रहते सम्बंधित विभाग द्वारा इस ओर ध्यानाकर्षित नहीं दिया जाना एक बड़े हादसा की ओर संकेत कर रहा हैं.
जानकारी सामने आई हैं की उक्त भवन में दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हो चुकी हैं. छत पूरी तरह कमजोर होकर स्लेब से सीमेंट झड़ रहा हैं. उक्त भवन के कई हिस्सों पर प्लास्टर उखड़ चुका है। ग्रामीणों ने बताया की बारिश के दौरान छत से पानी सिपेज़ होकर टपकता है। बावजूद इसी जर्जर भवन में आंगनबाड़ी का संचालन किया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ है।
इस पुरे विषय पर सवाल खड़े हो रहें हैं की जब भवन को पहले ही जर्जर घोषित कर दिया गया था तो स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई ? आखिर इस गंभीर लापरवाही का लिए जिम्मेदार कौन है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से मिडिया के माध्यम से मांग की है कि आंगनबाड़ी के लिए तुरंत सुरक्षित वैकल्पिक भवन उपलब्ध कराया जाए. जर्जर भवन में संचालन जारी रखने के कारणों की जांच की कर दोषियों पर कार्यवाही की जाए।
इन्होने कहा..
उक्त विषय पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता फूलवती का कहना हैं की पूर्व में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि कुछ समय तक आंगनबाड़ी का संचालन प्राथमिक शाला के स्कूल भवन में किया गया था. लेकिन इससे प्राथमिक शाला के बच्चों को परेशानी होने लगी। इसके अलावा गांव में किराए का मकान उपलब्ध न होने के कारण मजबूरीवश पुनः इसी जर्जर भवन में आंगनबाड़ी संचालित करना पड़ रहा हैं।
वहीं सुपरवाईंजर मांगो बड़ा ने दूरभाष में बातचीत के दौरान बताया की पर बात की उक्त आंगनबाड़ी भवन को विभाग द्वारा पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यदि फिर भी इस भवन में आंगनबाड़ी संचालित हो रही है, तो वे तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास करेंगी ताकि बच्चों को सुरक्षित स्थान पर बैठाया जा सके।
वहीं परियोजना अधिकारी शंकरगढ़ राहुल सिंह ने कहा अभी – अभी इसकी जानकारी मिली हैं. मैंने सुपरवाईंजर को कॉल किया था जो ट्रेनिंग ने गई हुई हैं थोड़ी देर में बात होगी उनसे फिर जानकारी देंगे. भवन जर्जर कहा से घोषित की गई हैं इस सवाल पर जानकारी नहीं होने की बात कहते हुवे कहा गया इसकी जानकारी ले रहा हूँ। तथा जर्जर भवन में यदि आंगनबाड़ी का संचालन हो रहा हैं तों वहाँ केंद्र का संचालन नहीं किया जायेगा. आंगनबाडी कार्यकर्त्ता से किराये के भवन या स्कुल भवन के अतिरिक्त कक्ष खाली होने पर केंद्र का संचालक कराया जायेगा।





















