

Iran Protest : ईरान में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। 28 दिसंबर से शुरू हुए इन प्रदर्शनों के बाद से देश के कई हिस्सों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ ईरानी प्रशासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका खुलकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सामने आ गया है। इस टकराव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका पहले भी कई बार ईरान को चेतावनी दे चुका है कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा बंद करे। अमेरिकी प्रशासन का साफ कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और उन्हें बल प्रयोग के जरिए दबाना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। अमेरिका ने यहां तक कहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या और दमन नहीं रोका गया, तो वह सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
इसी कड़ी में Iran Protest के दौरान गुरुवार को अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के आरोप में अमेरिका ने कई ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और उनसे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाना और मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकना बताया जा रहा है।
अमेरिका का यह कदम ऐसे समय पर आया है, जब ईरान के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के चलते माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी ईरान की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।






















