बलरामपुर: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जिले के प्रसिद्ध तातापानी महोत्सव में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सहभागिता कर तपेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में प्राचीन शिव चबूतरे पर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही मुख्यमंत्री ने 60 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा के समीप पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति पर्व हर्षाेल्लास के साथ मनाया।

इस तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि मकर संक्रांति सूर्य उपासना का पर्व है, जो भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने तातापानी को आस्था का केंद्र बताते हुए सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना की और प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने लोहड़ी तथा पोंगल की भी शुभकामनाएं दी। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह के बंधन में बंधे 200 जोड़ों को नव दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दी।

इस कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री साय ने 655 करोड़ की अधिक की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। हमने छत्तीसगढ़ के निवासियों से जो वादा किया है उसे पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास के तहत हर पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिल रहा है। 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत हर माह 01 हजार की राशि प्रदान की जा रही है। 05 लाख से अधिक भूमिहीन किसानों को 10 हजार रुपये की राशि प्रदान किया जा रहा है। रामलला दर्शन योजना योजना के तहत 40 हजार से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए हैं।

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा चार प्रमुख घोषणाएं भी की गई। इनमें जिला मुख्यालय बलरामपुर में शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, डाइट संचालन हेतु भवन, जिला पंजीयन कार्यालय भवन तथा तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा शामिल है।इस महोत्सव में कृषि मंत्रीरामविचार नेताम ने तातापानी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए शासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सभी को संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  लक्ष्मी राजवाड़े ने महिला सशक्तिकरण को समाज और प्रदेश के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया।

सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके अलावा इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने 667 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन/शिलान्यास किया। इसमें 323 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत के 140 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 343 करोड़ 61जज लाख रुपये की लागत के 71 विकास कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास शामिल है।

कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए 25 स्टॉलों का अवलोकन किया। इन स्टॉलों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी आमजन को दी गई। ट्राइबल फूड स्टॉल में आदिवासी व्यंजनों ने सभी को आकर्षित किया, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता और ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारों ने जनजागरूकता का संदेश दिया।
प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक माटीकला और ग्रामीण हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करते हुए राजपुर विकासखंड के ग्राम आरा निवासी कुम्हार  शिवमंगल के साथ चाक पर मिट्टी डालकर स्वयं चक्की चलाई। इसके साथ ही एकलव्य शंकरगढ़ की छात्राओं द्वारा तैयार “मदर ऑफ नेचर” स्कल्पचर को देखकर उन्होंने छात्राओं की रचनात्मकता की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय को उनकी स्केच भी भेंट की । इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत विभिन्न सामग्रियों का भी वितरण किया।

इस अवसर पर समारी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम अध्यक्ष राम सेवक पैंकरा ,धरसीवां विधायक  अनुज शर्मा,जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरामुनी निकुंज, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  धीरज सिंह देव, रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष  ओम प्रकाश जायसवाल, पिछड़ा आयोग सदस्य  कृष्णा गुप्ता, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा दीपक झा, कलेक्टर  राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमण्डलाधिकारी आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ  नयनतारा सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।

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