CG Crime News: अंबिकापुर का सुभाष नगर, सुबह का वक्त था. सूरज निकलने से पहले ही लोग जाग चुके थे. सबकुछ सामान्य था, लेकिन यहां रहने वाले 48 साल के बबलू मंडल के घर पर बेचैनी थी. बबलू मंडल रात को 11 बजे तक घर पर था, लेकिन सुबह किसी को नजर नहीं आया. पत्नी और बच्चे परेशान हो गए कि आखिर सोया तो घर में था, फिर बबलू गया तो गया कहां? कुछ समझ में आता इसके पहले ही फोन की घंटी बजती है और जब घर वाले फोन उठाते हैं, तो उनके होश उड़ जाते हैं. ये फोन पुलिस का था और सूचना थी कि बबलू मंडल की मौत हो गई है. बबलू की लाश गांधीनगर में डेयरी फॉर्म के पास पड़ी हुई मिली है. चारों तरफ हड़कंप मच जाता है. पुलिस मौके पर ही थी, परिवार भी पहुंच जाता है. मंजर हैरान करने वाला था. फॉरेसिंक की टीम जांच में जुटी थी. तभी पता चलता है कि बबलू की सीने में चाकू मारकर हत्या की गई है. कपड़ों में खून फैलकर सूख चुका था. गले पर भी धारदार हथियार के निशान थे.

CCTV खंगालने के बाद मिला सुराग

सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर बबलू रात को उठकर घर से बाहर क्यों गया. क्या किसी ने उसे साजिश कर बुलाया था, या फिर वो खुद ही बाहर निकला और किसी साजिश का शिकार हो गया. सवाल कई थे. पुलिस हर सवाल का जवाब जानने की कोशिश में थी. आसपास पूछताछ की गई. इलाके के CCTV फुटेज खंगालने शुरु किए. तभी कुछ ऐसा नजर आता हैं कि पुलिस को जांच की दिशा मिल जाती है. रात के अंधेरे में सुरागों की रोशनी नजर आने लगती है. क्योंकि इस CCTV में नजर आ रही थी. अंधेरी रात की वो खौफनाक कहानी. जिसने बबलू की जान चली गई. एक CCTV बबलू दिखाई देता है. दो युवक और युवती उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. ऐसा लग रहा है जैसे वो किसी बात को लेकर बबलू पर दबाव डाल रहे थे. फिर एक CCTV में दोनों युवक और युवती मौका-ए वारदात से जाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. ये लोग वहीं से जा रहे थे, जहां बबलू की लाश पड़ी मिली थी.

युवती कौन है?

पुलिस का शक गहरा जाता है और सवाल यही था कि क्या इन तीनों ने ही बबलू की हत्या की है. आखिर वो युवती कौन थी. क्या उससे बबलू का कोई कनेक्शन था, या कोई दुश्मनी, या फिर कहानी कुछ और ही थी. सवाल कई थे, लेकिन पुलिस का शक मजबूत होता जा रहा था. क्योंकि परिवार भी बार-बार यही कह रहा था कि एक दिन पहले भी एक युवती और कुछ युवकों ने बबलू के साथ झगड़ा किया था. तो क्या ये वही युवती है, लेकिन परिवार हैरान है, क्योंकि ना तो वो लड़की को जानते हैं और ना ही उन्हें ये समझ आ रहा है कि उस युवती से बबलू का कौन सा विवाद था.

नशे के कारण हत्या को अंजाम दिया गया

इधर पुलिस संदेहियों की तलाश में जुटी थी. हर जगह आरोपियों को ढूंढा जा रहा था. संदिग्ध युवक तो पुलिस के हत्थे नहीं चढें, लेकिन वो युवती पुलिस की नजरों से बच नहीं सकी. पुलिस युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है. पूछताछ के बाद हर एक सच का खुलासा होगा. लेकिन फिलहाल जो कहानी सामने आ रही है, वो चौंकाने वाली है, क्योंकि ये हत्याकांड शहर में बढ़ते नशे के कारण हुआ है.

जांच में पता चला हैं कि उस युवती का नाम सोनिया है. सोनिया नशे की आदी है. इंजेक्शन और दूसरे नशों की उसे लत लग चुकी है, और माना जा रहा है कि इसी नशे के कारण उसका विवाद बबलू से हुआ था. युवती को नशे के लिए रुपयों की जरूरत थी और वो बबलू से ढाई हजार रुपये की मांग कर रही थी. बबलू छोटा-मोटा काम कर परिवार को चलाता था. इसलिए उसने रुपये देने से इनकार कर दिया और इसी के चलते उसका युवती के साथ विवाद हो गया. बताया जा रहा है कि एक दिन पहले भी इसको लेकर विवाद हुआ था और इसी विवाद के बाद रात के करीब साढ़े 11 बजे एक बार फिर बबलू और सोनिया का आमना-सामना हो जाता है. बबलू शराब के नशे में था. विवाद फिर शुरू होता है. जिसके बाद सोनिया अपने दो साथियों के साथ मिलकर उससे मारपीट करती है और चाकू से वारकर हत्या कर देती है. पुलिस सोनिया से पूछताछ में जुटी है. साथ ही उसके दो साथियों की तलाश कर रही है.

नशे के कारोबार पर लगाम कब लगेगी?

जल्द ही इस हत्याकांड से जुड़ा हर सच बाहर होगा. लेकिन ना तो अब बबलू की जिंदगी वापस लौटेगी और ना ही सोनिया सलाखों के बाहर. अब सवाल यही है कि आखिर इस वारदात के लिए जिम्मेदार कौन है? आखिर नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम कब लगेगी? क्योंकि नशा केवल एक जिंदगी को बर्बाद नहीं करता है, बल्कि परिवारों और समाज को भी तबाह करता चला जाता है.

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