

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही: गौरेला–पेंड्रा–मरवाही पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधे हत्या के मामले को महज तीन दिनों में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। थाना गौरेला क्षेत्र में हुए इस गंभीर अपराध में पुलिस जांच के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके सगे बड़े भाई ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना 31 दिसंबर 2025 की रात 10 बजे से 1 जनवरी 2026 की सुबह 5 बजे के बीच की बताई जा रही है। मृतक चंद्रभान सिंह उरेती (29 वर्ष) का शव उसके घर के सामने संदिग्ध अवस्था में पाया गया था। शव पर सिर, चेहरे, गले और कान में गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे स्पष्ट था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई है।घटना की सूचना मिलते ही गौरेला पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्यवाही कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में आरोपी अज्ञात होने के कारण मामला अंधे कत्ल का बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल के पर्यवेक्षण तथा एसडीओपी गौरेला श्याम कुमार सिदार के मार्गदर्शन में थाना गौरेला पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों, आसपास के लोगों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी क्रम में यह सामने आया कि मृतक और उसके बड़े भाई के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। सघन पूछताछ में मृतक के सगे बड़े भाई चेतन सिंह उरेती (42 वर्ष) ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम एवं साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई से एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझने पर क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है।






















