भोपाल: केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री  भूपेन्द्र यादव ने कहा है कि बोत्सवाना से कूनो नेशनल पार्क में लाये गये चीतों से बोत्सवाना और भारत के बीच जैव विविधता संरक्षण की एक ऐतिहासिक साझेदारी प्रारंभ हुई हैप्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल और प्रयासों से भारत में चीतों के प्रतिस्थापन की योजना पूरी तरह से सफल रही है।

बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन की दिशा में कई देश साथ आये हैं। भारत में चीता प्रोजेक्ट को साढ़े तीन साल का समय हो गया है। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है, वर्तमान में भारत में चीतों की संख्या 48 हो गई है, जिनमें 45 कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभ्यारण में हैं। केन्द्रीय वन मंत्री ने कहा कि भारत के प्रयासों से विश्व में जैव विविधता संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है और 97 देश इस मंच के सदस्य बन गये हैं।

केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री यादव ने बोत्सवाना से आये 9 चीतों में से तीन चीतों को प्रतीकात्मक रूप से क्वारंटीन के लिए बनाये गये बाड़ों में रिलीज किया। भारत में चीतों की पुनर्बसाहट के लिए तीन वर्ष पूर्व शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट के तहत बोत्सवाना से लाये गये 9 चीते शनिवार को सुबह लगभग 9.30 बजे कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। वायुसेना के तीन हैलीकॉप्टर से ग्वालियर एयरपोर्ट से इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क में एयरलिफ्ट किया गया। इन चीतों में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल है। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने चीता रिलीज कार्यक्रम बाद के बोत्सवाना से आये चीता विशेषज्ञ दल से भेंट कर चर्चा की, साथ ही उन्हें कूनो नेशनल पार्क की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट भी किये।

बोत्सवाना से 9 चीतों के आने के बाद अब प्रदेश में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है, इनमें से 45 कूनो नेशनल पार्क में और 3 गांधी सागर अभयारण्य में हैं।इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, सांसद  शिवमंगल सिंह तोमर, सहरिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा) तुरसनपाल बरैया, पूर्व मंत्री  रामनिवास रावत, जनप्रतिनिधि, महानिदेशक वन्य जीव भारत सरकार  सुशील कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव वन संदीप यादव, प्रधान मुख्य वन संरक्षण एवं हैड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स वी.एन. अम्बाडे, कमिश्नर सुरेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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