


बीजापुर: बीजापुर में “पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत 54 लाख के 12 इनामी माओवादीयों ने समाज की मुख्यधारा में लौटा। बस्तर आईजी , डीआईजी सीआरपीएफ और एसपी के समक्ष माओवादियों ने AK-47, 2 SLR रायफल, कारतूस और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के साथ किया आत्मसमर्पण। आज बीजापुर के चिन्नागेल्लूर मुठभेड़ में DVCM उधम सिंह मारा गया हथियार भी बरामद हुआ।
बस्तर आईजी ने प्रेस वार्ता में बताया साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े 12 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर कानून और संविधान में आस्था जताई। आत्मसमर्पण करने वाले में 08 महिला और 04 पुरुष माओवादी शामिल हैं। जिनमें DVCM, ACM, PPCM और PLGA जैसे माओवादी थे। आईजी ने यह भी बताया आत्मसमर्पण करने माओवादि AK-47, SLR रायफल, मैग्ज़ीन, कारतूस,250 जिलेटिन स्टिक, 400 डेटोनेटर और गन पाउडर के साथ आत्मसमर्पण कर रहें है।
बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया 01 जनवरी 2024 से अब तक कुल 888 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, 1163 गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि 231 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं। पुलिस की सफलता में DRG, STF, COBRA, केरिपु और जिला बलों के बेहतर समन्वय, विश्वास निर्माण और सतत दबाव का परिणाम है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक आत्मसमर्पित माओवादियों को 50,000 की तात्कालिक आर्थिक सहायता दी गई है। बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा शेष माओवादी कैडरों से अपील की है कि“हिंसा छोड़िए, मुख्यधारा में लौटिए। ‘पूना मारगेम’ शांति, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।” चेतवानी भी देते हुए कहा मुख्यधारा में नहीं आने पर मारे भी जायेंगे जैसे आज हुए मुठभेड़ में DVCM अधम सिंह मारा गया सर्चिंग में एक हथियार भी बरामद किया गया।
































