


रायपुर: छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों के लिए उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही लक्ष्मी वर्मा के नाम की घोषणा कर दी थी, जबकि कांग्रेस ने देर रात फूलोदेवी नेताम के नाम पर मुहर लगा दी। खास बात यह है कि इस बार दोनों प्रमुख पार्टियों ने महिला उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है।
राज्यसभा की दो सीटें खाली होने के बाद विधायकों की संख्या के आधार पर बीजेपी और कांग्रेस को एक-एक सीट मिलना तय था। ऐसे में तीसरा प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरने के कारण बीजेपी की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना लगभग तय हो गया है।
दोनों प्रत्याशी गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगी। बीजेपी उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम के नामांकन के समय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।तीसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और दोनों नेताओं का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
यह पहला अवसर है जब राज्यसभा चुनाव के लिए प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने एक साथ महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं, जिनमें अब तीन महिला सांसद होंगी। हालांकि कांग्रेस की सांसद रंजीता रंजन का कार्यकाल मई में समाप्त होने वाला है।अब तक राज्यसभा में छत्तीसगढ़ से पांच में से चार सांसद कांग्रेस के थे, लेकिन नए चुनाव के बाद बीजेपी की संख्या बढ़कर दो हो जाएगी, जबकि कांग्रेस के तीन सांसद रहेंगे। दोनों दलों ने इस बार जातीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवारों का चयन किया है।
राज्यसभा के लिए चुनी गई दोनों महिला नेता 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदार थीं, लेकिन उस समय उन्हें मौका नहीं मिला था। अब पार्टियों ने उन्हें राज्यसभा भेजकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैफूलोदेवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आती हैं और कांग्रेस की प्रमुख महिला नेताओं में गिनी जाती हैं। वह वर्तमान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं और लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए भेजी जा रही हैं।वहीं लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से बीजेपी में सक्रिय हैं और प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। वह रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
































