

बलरामपुर: कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी जिला मुख्यालय बलरामपुर में स्थित जिला ग्रंथालय के आकस्मिक निरीक्षण पर पहुंचीं। यहां उन्होंने केवल व्यवस्थाओं का निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवाओं के बीच बैठकर उनकी तैयारियों, चुनौतियों और आवश्यकताओं के बारे में सहजता से जाना। उनकी इस सहजता से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने कलेक्टर से अपनी तैयारियों को लेकर सवाल पूछे तथा मार्गदर्शन मांगा, जिनका जवाब देते हुए कलेक्टर ने उन्हें सटिक रणनीति, समय प्रबंधक और सही अध्ययन सामग्री के महत्व के बारे में बताया। कलेक्टर ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नियमित रूप से आने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या तथा उनकी आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की।
सफलता के लिए अध्ययन शैली और सही पाठ्यक्रम का चयन जरूरी
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने वहां पढ़ाई कर रहे युवाओं से उनके लक्ष्यों और तैयारियों के संबंध में पूछा। युवाओं ने बताया कि वे सीजी व्यापम परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने बेहद सहजता से उनके साथ बैठकर चर्चा की कि वे प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई की शैली और सही पाठ्यक्रम के चयन के महत्व के बारे में बताते हुए सफलता के मूलमंत्र दिए। संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कलेक्टर ने युवाओं से कहा कि यदि उन्हें अपनी तैयारी के लिए किसी विशेष पुस्तक की आवश्यकता हो, तो उसकी सूची तुरंत ग्रंथपाल को दें, ताकि प्रशासन द्वारा वे पुस्तकें जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने सभी को मन लगाकर तैयारी करने और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
खुलेगी मिलेट्स कैंटीन, जंक फूड पर रहेगा प्रतिबंध
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं ने ग्रंथालय परिसर में एक कैंटीन खुलवाने की मांग रखी। जिस पर कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी बलरामपुर को निर्देशित किया कि स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से यहां कैंटीन का संचालन शुरू कराया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस कैंटीन में पैकेज्ड जंक फूड के स्थान पर पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्रियां, विशेषकर मिलेट्स (रागी, कोदो, कुटकी) से बने व्यंजन और हेल्दी फूड उपलब्ध कराए जाएं, ताकि पढ़ाई कर रहे युवाओं को बेहतर पोषण मिल सके।
छात्रा की जिज्ञासा पर मुस्कुराईं कलेक्टर, विशेषज्ञों की कार्यशाला कराने के दिए निर्देश
ग्रंथालय में अध्ययन कर रही महिमा प्रजापति, जिसे कुछ समय पूर्व कलेक्टर द्वारा यूपीएससी की तैयारी के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराई गई थीं, ने कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी से यूपीएससी की तैयारी और सिलेबस को समझने के संबंध में मार्गदर्शन मांगा। महिमा की जिज्ञासा पर मुस्कुराते हुए कलेक्टर ने उसके सवालों का सहजता से जवाब दिया। जब महिमा ने बताया कि उसके पास स्मार्टफोन नहीं है, तो कलेक्टर ने अपना मोबाइल निकालकर गूगल पर यूपीएससी का सिलेबस, पुराने प्रश्नपत्र और अध्ययन सामग्री खोजकर दिखाई तथा इंटरनेट का उपयोग करने के आसान तरीके बताए। उन्होंने ग्रंथालय में उपलब्ध कंप्यूटर, इंटरनेट, पत्र-पत्रिकाओं और करंट अफेयर्स का नियमित उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि प्रशासन द्वारा जिले के यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए बाहर से विशेषज्ञ शिक्षकों को बुलाकर विशेष कार्यशाला आयोजित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को जिले के यूपीएससी की तैयारी कर रहे प्रतिभागियों की सूची तैयार कर शीघ्र कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी रा. अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी मनिराम यादव, मुख्य नगरपालिका अधिकारी दीपक एक्का सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित थे।











