रायपुर। छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संपदा तक सीमित राज्य नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश निवेश, आधुनिक तकनीक और रोजगार आधारित विकास मॉडल के साथ नए औद्योगिक दौर की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, बड़े निवेश प्रस्ताव, आईटी और डेटा सेंटर परियोजनाओं तथा आधुनिक औद्योगिक ढांचे के विकास ने राज्य को देश के उभरते औद्योगिक केंद्रों में शामिल कर दिया है।

नई औद्योगिक नीति से रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

1 नवंबर 2024 से लागू नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत अगले पांच वर्षों में औपचारिक और संगठित क्षेत्रों में कम से कम 5 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति में स्थानीय युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पूर्व सैनिकों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों द्वारा स्थापित उद्योगों के लिए विशेष वित्तीय और प्रशासनिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

रिकॉर्ड निवेश से बढ़ा उद्योग जगत का भरोसा

राज्य में औद्योगिक निवेश लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान 218 नई मेगा परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 1.63 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसके साथ ही प्रदेश में कुल औद्योगिक निवेश 4.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है, जो उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को दिया आमंत्रण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों से नई औद्योगिक नीति का लाभ उठाते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य अपनी समृद्ध खनिज संपदा, बेहतर कनेक्टिविटी और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण निवेश के लिए देश के सबसे उपयुक्त गंतव्यों में शामिल हो चुका है।

आईटी और डेटा सेंटर पर विशेष फोकस

प्रदेश सरकार पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी प्राथमिकता दे रही है। हाल ही में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 4,200 करोड़ रुपये के हाइपर-स्केल डेटा सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव प्रमुख रहा। सरकार रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को भविष्य के टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

निवेशकों को मिलेंगी कई वित्तीय सुविधाएं

नई नीति के तहत आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश करने वाली कंपनियों को कई आकर्षक लाभ दिए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • स्थायी पूंजी निवेश (FCI) का अधिकतम 150 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन।
  • 30 से 50 प्रतिशत तक फिक्स्ड कैपिटल सब्सिडी।
  • शुरुआती पांच वर्षों तक 50 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी।
  • तकनीकी उन्नयन और विस्तार के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता।

बिजली और भूमि पर भी राहत

तकनीकी उद्योगों की लागत कम करने के उद्देश्य से डेटा सेंटर और आईटी कंपनियों को व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के बाद 100 प्रतिशत विद्युत शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन, स्टाम्प ड्यूटी में राहत और तकनीक खरीद पर भी विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा।

नवा रायपुर में बनेगा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क

नवा रायपुर में 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां 235 करोड़ रुपये के निवेश से पहली गारमेंट निर्माण इकाई स्थापित होगी, जिससे 4,600 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इनमें बड़ी संख्या स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

स्थानीय युवाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन

नई नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। यदि कोई उद्योग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है या 1,000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देता है, तो उसे विशेष B-Spoke पैकेज के तहत अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी। साथ ही स्थानीय कर्मचारियों के ईपीएफ अंशदान की प्रतिपूर्ति और कौशल प्रशिक्षण के लिए भी सरकारी सहयोग दिया जाएगा।

समावेशी विकास पर सरकार का जोर

महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांगजनों, पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों और पूर्व नक्सलियों द्वारा स्थापित एमएसएमई इकाइयों के लिए 25 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी (अधिकतम 1 करोड़ रुपये) का प्रावधान किया गया है, ताकि समाज के सभी वर्ग औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

हाईटेक कृषि और रणनीतिक उद्योगों को भी बढ़ावा

नई नीति में हाइड्रोपोनिक्स, एयरोपोनिक्स और वर्टिकल फार्मिंग जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों को भी औद्योगिक श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा रक्षा, अंतरिक्ष, रेलवे और परमाणु ऊर्जा से जुड़े उपकरणों के निर्माण के लिए तकनीकी उन्नयन, अनुसंधान एवं विकास (R&D) तथा पेटेंट सहायता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

औद्योगिक विकास की नई दिशा

नई औद्योगिक विकास नीति, रिकॉर्ड निवेश, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्थानीय रोजगार और समावेशी विकास की रणनीति के साथ छत्तीसगढ़ तेजी से औद्योगिक परिवर्तन की नई कहानी लिख रहा है। सरकार का लक्ष्य राज्य को निवेश, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करना है।

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