

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अभनपुर में आयोजित होने वाले संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में राहुल गांधी के शामिल होने से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दलों के नेताओं के तीखे बयानों ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।
राहुल गांधी कल पहुंचेंगे रायपुर, अभनपुर में करेंगे कार्यकर्ताओं से संवाद
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत अभनपुर में 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में हाल ही में नियुक्त जिलाध्यक्षों को पार्टी की विचारधारा, संगठन संचालन और मिशन 2028 की रणनीति से अवगत कराया जाएगा।
कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी शनिवार को रायपुर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से सीधे अभनपुर जाकर वे करीब साढ़े चार घंटे तक पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और संवाद करेंगे। कांग्रेस इस कार्यक्रम को संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
भाजपा विधायक के बयान से बढ़ा राजनीतिक विवाद
राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने उन पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'जोकर' बताया। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर और तेज हो गया। कांग्रेस ने इसे केवल राहुल गांधी नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
कांग्रेस ने किया तीखा पलटवार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा विधायक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुरंदर मिश्रा मानसिक संतुलन खो चुके हैं और भाजपा को उनका इलाज कराना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि यदि भाजपा इलाज नहीं करा सकती तो कांग्रेस उन्हें झारखंड भेजकर इलाज कराने के लिए तैयार है।
वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भी भाजपा विधायक पर निशाना साधते हुए उन्हें मानसिक रूप से अस्थिर बताया।
प्रशिक्षण शिविर के साथ मिशन 2028 की तैयारी
कांग्रेस का कहना है कि यह प्रशिक्षण शिविर केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने की रणनीति का हिस्सा है। नए जिलाध्यक्षों को संगठन विस्तार, जनसंपर्क और चुनावी तैयारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
चुनाव दूर, लेकिन सियासी मुकाबला अभी से तेज
राहुल गांधी के दौरे ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक ओर कांग्रेस इसे संगठन को नई दिशा देने वाला अभियान बता रही है, वहीं भाजपा लगातार इस कार्यक्रम को लेकर सवाल उठा रही है। चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए अपने-अपने मोर्चे सक्रिय कर दिए हैं। फिलहाल प्रदेश की राजनीति में मुद्दों से ज्यादा नेताओं के बयानों की चर्चा तेज होती नजर आ रही है।




















