भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने युवा विधायकों को मार्गदर्शन दिया। यह सम्मेलन राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र) जोन 6 के तत्वावधान में आयोजित किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 45 से कम उम्र के विधायक शामिल हुए।

पारंपरिक स्वागत और समारोह की शुरुआत

युवा विधायकों का स्वागत पारंपरिक लोक नृत्य के माध्यम से किया गया। इसके बाद समूह फोटो लिया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मध्यप्रदेश संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहे।

सम्मेलन का एजेंडा और चर्चा सत्र

दो दिन चलने वाले सम्मेलन में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहले दिन तीन सत्रों में लोकतंत्र में नागरिक भागीदारी को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 के विजन तक पहुंचने में युवा विधायकों की भूमिका पर चर्चा हुई।

31 मार्च को सम्मेलन के दूसरे दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व और चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा। इस अंतिम सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और एमआईटी, पुणे के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड भी संबोधन देंगे।

मुख्यमंत्री ने दी युवा विधायकों को मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया में अद्वितीय है। सम्मेलन में मौजूद युवा विधायक भाग्यशाली हैं कि उन्होंने कम उम्र में यह जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने सभी विधायकों से जनता से संवाद बनाए रखने, अध्ययन करने, कार्य की योजना बनाने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।

नेता प्रतिपक्ष का संदेश

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधायक बनना सपनों की उड़ान है। क्षेत्र के विकास और जनता के हित को हमेशा प्राथमिकता दें। ठोस रणनीति बनाकर कार्य करें और राजनीतिक विरोध को विकास में बाधा न बनने दें।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष की सीख

वासुदेव देवनानी ने विधायकों से कहा कि पढ़ाई और अध्ययन की आदत डालें। विधायकों को अपने पद की गरिमा के अनुसार भूमिका निभानी चाहिए। विधानसभा को शोर और विवाद का केंद्र न बनाएं, बल्कि तर्क और अध्ययन के माध्यम से जनता के विषयों पर चर्चा करें।

मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष का संदेश

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजनीति देश और प्रदेश की दिशा तय करती है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवा विधायकों की भूमिका अहम है। उन्होंने विधायकों को बड़े नेताओं के भाषण सुनने और अपने व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान देने की सलाह दी।

संवाद और विचार साझा करने का मौका

सम्मेलन में माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने भी लोकतंत्र को सशक्त बनाने में विधायकों की भूमिका पर मार्गदर्शन दिया। इसके बाद युवा विधायकों को अपने विचार साझा करने का अवसर मिला, जिसमें लगभग 30 विधायकों ने अपने अनुभव और सुझाव प्रस्तुत किए।


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