

बेंगलुरु : सिद्धारमैया शिकायत मामला शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में चर्चा का विषय बना, लेकिन शिकायत करने वाली महिला को वहां से राहत नहीं मिली। शीर्ष अदालत ने महिला की सुरक्षा संबंधी मांग पर सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि वह अपनी लड़ाई हाईकोर्ट में लेकर जाएं। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि राजनीतिक लड़ाइयां अदालत में नहीं लड़ी जानी चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और वह कर्नाटक में प्रवेश तक नहीं कर पा रही हैं। उनका कहना था कि सुरक्षा से समझौता हो रहा है, इसलिए वह दिल्ली में रहने को मजबूर हैं। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश हो रही है, घर पर पत्थरबाजी हुई और कुछ लोगों ने तोड़फोड़ भी की। महिला ने अदालत से कम से कम सुरक्षा देने की मांग की थी, ताकि वह अपने घर लौटकर रह सकें।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा कि क्या कर्नाटक के मुख्यमंत्री उनके पीछे लोगों को दिल्ली भेज रहे हैं। अदालत ने कहा कि ऐसी शिकायतों के लिए उचित मंच हाईकोर्ट है। जब महिला की ओर से सुरक्षा की मांग दोहराई गई, तब भी शीर्ष अदालत ने मामले को अपने स्तर पर नहीं लिया और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा। इस तरह सिद्धारमैया शिकायत मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से आगे नहीं बढ़ सका।

































