नई दिल्ली: भारत तेजी से वैश्विक विमानन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। आज देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जहां हवाई यात्रा पहले से अधिक सुलभ और समावेशी होती जा रही है। उड़ान योजना के जरिए छोटे शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी बढ़ी है और रोजाना 5 लाख से अधिक यात्री हवाई अड्डों से यात्रा कर रहे हैं।

यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। इसी दिशा में यात्रा को आसान और आरामदायक बनाने के लिए कई यात्री-केंद्रित पहल शुरू की गई हैं। इनमें किफायती भोजन के लिए ‘उड़ान यात्री कैफे’, किताबों तक मुफ्त पहुंच के लिए ‘फ्लाईब्ररी’ और हवाई अड्डों पर निःशुल्क वाई-फाई जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

डीजीसीए के जरिए नए निर्देश जारी

यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के माध्यम से एयरलाइनों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।

सीट आवंटन और साथ बैठने की सुविधा

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, हर उड़ान में कम से कम 60% सीटें निःशुल्क आवंटित की जानी चाहिए, ताकि सभी यात्रियों को समान सुविधा मिल सके। इसके अलावा, एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ बैठाने पर जोर दिया गया है, जिससे परिवारों और समूहों को सुविधा मिल सके।

सामान और पालतू जानवरों के लिए पारदर्शी नीति

एयरलाइनों को खेल उपकरणों और संगीत वाद्ययंत्रों की ढुलाई को सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पालतू जानवरों की ढुलाई के लिए भी स्पष्ट और यात्री-अनुकूल नीतियां तैयार करने को कहा गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

डीजीसीए ने एयरलाइनों को यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है, खासकर उड़ान में देरी, रद्द होने या बोर्डिंग से इनकार जैसी स्थितियों में। इसके साथ ही एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और हवाई अड्डों पर यात्रियों के अधिकारों की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा गया है।

क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी देने पर जोर

सरकार ने यात्रियों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। इससे अधिक से अधिक लोग अपने अधिकारों और सुविधाओं के बारे में जागरूक हो सकेंगे।

बेहतर अनुभव और पारदर्शिता की दिशा में कदम

नागरिक उड्डयन मंत्रालय का लक्ष्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना, शिकायतों को कम करना और विमानन क्षेत्र में सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखना है। इन पहलों के जरिए भारत का विमानन क्षेत्र न केवल तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक भी बनता जा रहा है।

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